एक प्रमाण: हम आज के संगीत के दुश्मन नहीं है

Taste The Ultra Modern  Music Please !

Taste The Ultra Modern Music Please !

एक बात जो गाहे बगाहे हर उस चर्चा में थोपने की कोशिश की गयी जिसमे मैंने ये बताया कि गोल्डन एरा के गीत ही असली संगीत के श्रेणि में आते है और आज के शोर को हम संगीत नहीं कह सकते और जो ( थोपना ) सफल नहीं हुई वो ये थी कि साहब हम आज के गानों के दुश्मन है या कि आज भी बहुत अच्छा संगीत बनता है पर हम है कि इसको संज्ञान में लेते ही नहीं.. 

ऐसा नहीं है ये तो मैंने हर बार बता ही दिया पर लीजिये एक प्रमाण के रूप में आज के हिंदी फ़िल्म जगत से ( गैर फिल्मी अल्बम से नहीं) कुल पांच गीतों की लिस्ट दे रहा हूँ…जरुरी नहीं आप भी इन्हें पसंद करते हो पर मै इन्हें पसंद करता हूँ. ..मुख्यत इस बात को दर्शाने के लिए पेश कर रहा हूँ कि अगर कुछ अच्छे गीत बन रहे है तो मेरे कानो से घुसकर वो दिल में दर्ज हो जाते है.. 

१. झटक कर जुल्फ ( आरक्षण ) 



2. काश यूँ होता हर शाम साथ तू होता ( मर्डर 2) 



३. तेरी मेरी प्रेम कहानी (बाडीगार्ड)



4. दिल ये मेरा शोर करे ( काइट्स ) 

5. I want to get closer to you…( कार्तिक काल्लिंग कार्तिक) 



( सागर साहब (Sagar Nahar) कन्फुज़ियायें नहीं ये हिंदी गीत है..सुने धुन अगर कापी नहीं किसी विदेशी गीत की तो बहुत अच्छी है🙂 ..ये सागर साहब को खास समर्पित है हिंदी गीत जो अंग्रेजी में है🙂 ..मुझे बहुत पसंद है🙂

Pic Credit:

Pic One

21 responses

  1. भाई सागर नाहर को कहाँ- कहाँ बदनाम करोगे?
    एक ही बात को छ: जगह पोस्ट करने से क्या होगा। मैने कब कहा कि, या मैने कब इस बात को आप पर थोपा कि आप नये गीतों के दुश्मन हैं?
    जो बात मैने कही कि अब भी अच्छे गाने बनते हैं, यही बात आप भी आज इस पोस्ट में ( छ: जगह पर) कर रहे हैं तो फिर मुझे क्यों निशाना बना रहे हैं? सच कहूं तो थोप आप रहे थे कि पुराने गाने ही अच्छे होते हैं। आप जबरन अपनी बात मनवाना चाह रहे हैं।
    ग्रुप की बात अलग है अगर आपने वहाँ मेरा नाम लिया तो कोई बात नहीं लेकिन यहाँ… भई मैने अपकी पोस्ट और आपके थ्रेड में कमेंट कर गलती की। मैं अपने कमेंट मिटा देत हूँ और आप से भी अनुरोध करता हूँ कि कृपया आप मेरे उस पुराने कमेंट के साथ इस पोस्ट से मेरा नाम हटाएं।

    1. @Sagar Naharji

      ये आपकी बड़ी गलतफमी है कि आपको कोई बदनाम कर रहा है….इस वार्तालाप में कुछ भी पर्सनल नहीं और ना कोई इरादा है.. आप निश्चिंत रहे..हर बात का तार्किक उत्तर आपको मिल जाएगा …आप एक सम्मानित सदस्य है और आपकी मै क़द्र करता हूँ लिहाजा इस भ्रम से ऊपर उठें कि आपको बदनाम किया जा रहा है.. किस एंगल से बदनाम किया जा रहा है और क्यों किया जा रहा है ये प्रश्न भी उठेगा अगर आप अपनी बदनामी जबरदस्ती मानते है तो पर बात तो ये है कि आपको बदनाम ही नहीं किया जा रहा है लिहाज़ा निश्चिंत रहे..

      एक शिकायत आपकी और है साहब आपने सब जगह यही बात पोस्ट कर दी तो वो इसलिए कि इन चर्चाओ में आप शरीक रहे है जहा पे ये मुद्दे बने है..इसका ये मतलब नहीं कोई आपको बदनाम कर रहा है..रहा सवाल भाषा को तो मैंने कोई पर्सनल बात नहीं कही ..सिर्फ ये कहा है और वो भी एक अच्छे मूड में और अच्छे सन्दर्भ में कि देखिये एक गीत अंग्रेजी का भी है जिसका ट्रांसलेशन इसलिए संभव नहीं होगा काहे कि उसके बोल बहुत नाज़ुक है..इस में क्या बदनामी है ? क्या सुनाने वाली बात है ?

      बाकी बाते आपको श्रोता बिरादरी के थ्रेड पर साफ़ कर दी जायेंगी..यहाँ नहीं काहे कि वो बात अपने थ्रेड पे कही है.. यहाँ पे कहने से सन्दर्भ देना पड़ेगा..तो इससें बेहतर है जहा बात कही है वही साफ़ कर दिए जाए कुछ भ्रम..

  2. It is hard for logic to believe how some humans can be trapped by earth culture to think the sights and sounds of the healthy humans can mean so much
    No man law is an enemy of any so called interpretative human sounds

    1. @JustMeAgain

      Human sounds if arranged well do create sensational effect🙂

  3. I am really happy that this post too received great response. Conscious readers read and commented on it.

    Sajeev Sarathi deserves special thanks for coming out with thought provoking insights on Shrota Biradari. Alpana Verma and Vaibhav Mani Tripathi also deserve praises for conveying their emotions in no holds barred manner🙂

    Sunit Mukherjee , Sagar Nahar, Radiodost Snd, Rajesh Kumar Pandey, Amit Patel, and Sahil Kumar on various forums deserve thanks for taking note of this article.

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  4. Now some excerpts from the views exchanged on this article. Some very brilliant thoughts were exchanged on this forum.

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    Alpana Verma :

    Mujhe bhii aaj ke gaano kayee gaane bahut pasand hain..jaise..

    Alpana Verma ‎also said:

    Tujh mei rab dikhta..hai geet bahut purana nahin hai….Aur ..KK ka geet–DIl ibadat kar rha hai..use jitni baar bhii sunti hun ..baar baar sunte rahne ko dil karta hai…Tujhe bhula diya….-[anjana anjaani]..jo old is best kahte hain unhen ek baar to SunNa chaheeye….http://youtu.be/BWRbn5xfxOY

    Aur bhii kayee get hain..jo..bol-aur sangeet ke lihaaj se bahut hii achhe hain..

    OK..kal hi dekhi movie rockstar ke kuchh gaane bade acche hain..zahir hai Rahman sahab ka sangeet hai…Mujhe yeh kawaali pasand aaayi…koi shor nahin bahut hi soothing …

    Aur yeh mera fav song… Lyrics..music..SInging KK is par excellence!

    Haan Sajeev ji..rockstar kee geeton ka ..na kewal sangeet balki…geeton ke bol bhii…meaningful hain..khasKar…Ranbir ke ek gaane mei ..mein’ junoon ,band jaisa shor hai..lekin Geet ke bol dyan s esune aur Ranbir ke expressions dekhen to …Mano…..Emotions ka dariya bah jaata hai..

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    Sajeev Sarathie’s comment for Alapanaji:

    एस अल्पना जी, रोक्कस्टार के लगभग सभी गीत लाजवाब है पर शायद इस ग्रुप में उन्हें सुनने वाले नहीं मिलेगें आपको🙂

    ….Yes kk, sunidhi, shreya, sonu and sukhvinder are living legends, we should respect them as well as v respect the super greats like rafi, lata kishore mukesh manna dey hemat kr etc

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    My words for Alapanaji:

    Aapke is intense participation ke liye dhanyavad…

    Aapne K K Ka geet sunvaya ..Ye mera favourite bhi hai.. Lijiye hum aapko do jabardast geet sunvate hai..

    Seedha Saada Suada Sara … (Aakrosh)

    http://smashits.com/aakrosh/sauda-hai-dil-ka-ye/song-215823.html

    Aaas Paas Hai Khuda…( Anjaana Anjaani)

    http://smashits.com/anjaana-anjaani/aas-pass-hai-khuda/song-215739.html

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    Apanaji said to me on these two songs meant for her and others:

    Lovely song!..thnx for this song..did not hear it before!..Anupam ki fresh awaaz hai..chorus is also catchy…nice music…

  5. Some good exchange of thoughts between me and Sajeev Sarathieji on Shrota Biradari:

    Sajeevji said:

    चलिए माना तो सही आपने कि आप इन्हें अनदेखा कर देते हैं, (पुराने के मोह में) इनके बारे में क्या ख्याल है – साँस अलबेली (आरक्षण), सेनोरिता (जिंदगी न मिलेगी), देर लगी लेकिन (जिंदगी न मिलेगी दुबारा), दिल तो बच्चा है जी (इश्किया), चढा दे रंग (यमला पगला दीवाना), आवारा, तेरे लिए, बेकराँ, (७ खून माफ ), हर घर के कोने में (मेमोरीस इन मार्च), हमको प्यार हुआ (रेडी), बोझिल से (आई आम), नाव मेरी (कशमकश), कतया करूँ, कुन फाया, सद्दा हक, जो भी मैं (रोक् स्टार), लाईफ बहुत सिंपल है (स्टेनली का डब्बा), हाले दिल, फिर मोहाबत (मर्डर २), और मौसम फिल्म के लगभग सभी गीत….जाहिर है इनमें से बहुत आपके ध्यान से छूट गए होंगें. मैं “ओल्ड इस गोल्ड” गीतों का जबरदस्त फैन हूँ, पर ये कहना कि सब बस पहले ही अच्छा था अब नहीं गलत है. कभी दिल खोलकर इन गीतों का आनंद लीजिए, फिर आप आजकल के संगीतकारों को बेचारा नहीं कहेंगें

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    My response to Sajeev Sarathieji:

    “चलिए माना तो सही आपने कि आप इन्हें अनदेखा कर देते हैं, (पुराने के मोह में) इनके बारे में क्या ख्याल है”

    साहेब यही तो गुज़ारिश है कि हमने कभी ये कहा नहीं जब पुराने को प्रेम किया टूट के तो आज के सब गीतों को बकवास कहा..इसीलिए तो ये पांच बैक तो बैक चिपक के गीत सुनवाये कि भाई समय के साथ जो विविधताये आ रही है उन पर नज़र है….

    छोटी से बात एक और है… अच्छी बातो, अच्छे गानों या एक आदर्श राज्य का जिक्र करना उनके प्रति मोह नहीं कहलाता बल्कि इज्ज़त, क़द्र और प्रेम कहलाता है. और मै जानता हूँ कि ऐसे पुराने गीतों से प्रेम करने वाले करोडो में है और मै भी इनमे से एक हूँ..

    वैसे आपने ये बहुत सारे गीत का सन्दर्भ दिया..कुछ सुने है..कुछ को वक्त निकाल के सुनता हूँ ..मुझे पता है ये गीत अच्छे होंगे ..सजीवजी कब बकवास गीत पोस्ट करने लगे!!! सेनोरिटा गीत से याद आया .. जब पहले पहल बजा था तो सात समुन्दर पार अपने दोस्त को ट्रांसलेशन करके भेजा था🙂

    आप के लिए ये गीत मेरी तरफ से “देख भाई देख” से ..”आँखों में क्यूँ नमी है” ..सुनिए मज़ा आ जाएगा

    http://smashits.com/audio/player/free-music.cfm?SongIds=150363

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  6. My comment for Sajeevji:

    K K , Sunidhi and Shreya are extremely talented people … I have virtually listened most of the songs sung by them..Amazing thing about Sunidhi is that when she sings any song she puts lots of energy with a great application of variation.. Shreya ,of course, scores brownie point over others with her mellifluousness ..

    Listen this lesser heard track from Saaya (2003 ) composed by my one of the favourite composers M M Kreem.. Sayeed Qadri penned this extraordinary song..

    http://ww.smashits.com/saaya/seena-pada/song-21543.html

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    Sajeev said:

    जी अरविन्द जी, बहुत बढ़िया गाना है…मैं आपको बताऊँ आवाज़ पर ओल्ड इस गोल्ड को चलने का उद्देश्य ही यही था कि आज की पीढ़ी उन मधुर गीतों के बारे में अधिक जान सके. क्योंकि वो मात्र गीत नहीं हैं एक दौर है उसकी संवेदनाएं हैं जो हमें जी है, हमारे बुजुर्गों ने जी है. मगर मेरा कहना सिर्फ इतना है कि अगर आप आज की पीढ़ी को कुछ देना चाहते हैं तो पहले ये भी समझें कि वो क्या सुन रहे हैं. बायस होकर ये कह देना कि आजकल सब बकवास है संगीत तो वो था ये था…तो मुझे नहीं लगता वो आपको कोई तवज्जो देंगें. आप बार बार कह रहे हैं कि आप नए संगीत को समझ रहे हैं पर क्षमा करें आपके पहले आलेख में मुझे कुछ इसकी कमी महसूस हुई, इसलिए इतनी बातें कही. कारण हिंदी ब्लॉग्गिंग में कम ही संगीत रसिक हैं, और जो हैं वो अगर केवल एक ही पीढ़ी को संबोधित रहेगें तो ये एक नुक्सान होगा.

    आपकी कलम से मुझे शायद उम्मीदें अधिक है ये भी एक कारन हो सकता है. दरअसल इस पूरे ग्रुप में मुझे एक ऐसी फीलिंग होती है कि यहाँ नए फनकारों नए गीतों की बात करना एक जुर्म की तरह देखा जाता है जो एक अच्छी कमुनिटी में नहीं होना चाहिए, उदहारण के लिए आपकी पिछली पोस्ट में मैंने अभी देखा कि किस तरह रहमान का मजाक बनाया गया आदि आदि. अगर आप रहमान (जिसे आज की पीढ़ी इतना सम्मान देती है, उसका अपमान पूरी पीढ़ी का अपमान होगा) को अपमानित करेगें तो आने वाली पीढ़ी तक कभी भी अनिल बिस्वास साहब के जीनियस को नहीं संप्रेषित कर पायेंगें. मेरा ख़याल है आप मेरा मंतव्य समझ गए होंगे,चलिए अब कहा सुना सब माफ. आपने नए गीत सुनवाए मैं आपको एक पुरानी लोरी सुनाता हूँ जो मुझे बहुत पसंद है. ये ओल्ड इस गोल्ड का ताज़ा अंक है. आप भी यहाँ नियमित आया करें अच्छा लगेगा.

    http://podcast.hindyugm.com/2011/11/blog-post_10.html

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    My response to Sajeevji:

    Thanks for the precious response..

    “बायस होकर ये कह देना कि आजकल सब बकवास है संगीत तो वो था ये था..”

    That’s it. Here comes the mother of all flawed presumptions. Precisely, that’s the reason why I went ballistic.

    Unless the members of this group or for that matter any other group c to an extent come to know me they have virtually no right to impose their fallacious notions on me! I came to notice that this very assumption -the moment I came to talk about yesteryear songs – was allowed to dominate in the whole conversation which in reality was not the case and had I been allowed to unfold more chapters in the discussion this confusion would not have emerged. Sadly, before that could take place this subtle message that I am biased towards new songs was allowed to sustain.

    Anyway, I am really happy that finally you people have virtually realized that my love for golden era songs in no way undermines the contribution of present age songs.

    A R Rahman’s issue is bit complex in nature. For that I will talk in my own post. However, the case is not as simple as two plus two in Rahman’s case. Rahman is genius that’s undisputed but he failed to realize that serving the cause of Indian music is greater attribute than being swayed by Western notions merely to honour the global traits. Respecting global trends is different than emerging as a clone of Western traits…

    Probably, you don’t know I am great love of Old is Gold series.. See my Facebook page.. I have posted so many issue from this series..

    And yes, please I am no silver haired soul. I am an young guy. So please realize that I have no aim to sabotage the pride of my own generation. In fact, I am hyper conscious to save them from the pitfalls. That’s why I care a damn in order to let them know what’s beyond the obvious.

    Lastly, I must appreciate your dedication to the cause of music.It’s quite inspiring. In fact, the Old is Gold series has helped me knowing so many new facets of Indian music. Keep doing the good job.

    A song composed by A R Rahman that’s quite close to my heart for your ears only🙂

    Kabhi Kabhi Aditi…

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    Thanks To Shrikant Mishra as well..

  7. I also came to make another remark that got deleted. That’s tragic and unfortunate as one can delete one’s remark but nobody has the right to delete the remarks of others. More so when it serves the issue at hand in a big way. After all, I had refuted well the subtle misrepresentation made on my part in this very comment.

    I am re-posting the same comment with some editing as I feel if I mention the name it would once again lead to vain allegations on the part of the said person. The name of that person is not being mentioned so as to avoid vain controversy.

    I am only posting my own comment as I am sure if I post the original remark it would not be appropriate but some portions of that remark are there as they were part of my remark which got deleted and hence are to be seen/treated as mine ..

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    That’s my deleted remark:

    भाई हम काले कोटे वाले भी है ज़रा ज़रा सा ..हमको कडुवा काला सच पीने और सुनने की आदत है..दूसरी बात ठंडा दिमाग रखिये तो तर्कों और बातो में जान आती है..जायज गुस्सा तो ठीक लगता है पर नाजायज़ गुस्से से आप सिर्फ आप अपना नुकसान करते है. ” Anger is a wind which blows out the lamp of the mind. – Robert Ingersoll ” …गुस्सा वो आंधी है जिससें दिमाग का दिया बुझ जाता है..

    देखिये आपने जो एक सिरे से सारे पांचो पोस्ट माडर्न गानों को एकदम बकवास करार दिया और ऐसा करके आपने हमपे महान कृपा की ..देखिये इसलिए हमने लाइक भी कर दिया है🙂

    यही कुछ कुछ ” बकवास” सा हमने कहा तो आपने और अन्य ने सब ने यही कहा ” सब इस बात से सहमत है कि उस दौर का संगीत जाजवाब था लेकिन ऐसा नहीं है कि अभी का सारा संगीत कूड़ा होता है” (**** जी ये आपका पुराना कमेन्ट है ) अगर आप इतना ही सब गीतों को बकवास मानते है कि पांच में पांच सब तीस सेकेंड भी नहीं सुन पाए तो कम से कम अपने ही वाक्य को पढ़े और सोचे कि उसका क्या मतलब होता है !!

    …आप अब कहते है ” एक भी गीत को मैं तीस सैकण्ड से ज्यादा सुन नहीं पाया” ..ये तो वही बात हो गयी ..मै करू तो साला कैरेक्टर ढीला है🙂

    आपने खारिज कर दिया ..कर दीजिये …ये पोस्ट मैंने इसलिए लिखी ये दर्शाने के लिए जब पुराने गीत सुनता हूँ तो नए भी सुन लेता हूँ.. इसलिए ये इम्प्रेशन देना साहब आपने सुना नहीं है आज के गीतों को और इनमे भी दम होता है और आप सुनते तो पुराने के गोल्डन नहीं कहते ये बिल्कुल गलत बात है..आज के भी अच्छे गीतों पर नज़र है यही कहना है..और इनको सुन के पुराने गीतों को बेहतर बताया गया.

    ये मेरी अपनी पसंद है ये बहुत पहले ही कहा जा चुका है.. किसी को बकवास लगते है तो लगे..लेकिन मेरी जो जानकारी है ये साल के सभी रेडियो चैनल पे चार्ट बस्टर गीत है🙂 ..जिस भी फ़िल्म से लिए गए है इन फिल्मो के जिक्र आने पर ये गीत भी याद आते है.. सो आप बकवास करार दीजिये शौक से..आपका “बकवास कहना” मैंने अपने में समेट लिया काहे कि बहुत शुभ है हर दृष्टिकोण से ..

    एक गीत और सुनिए.. इसको भी बकवास कह सकते है चाहे तो.. पर मेरी नज़रो में और बहतो की नज़र में बहुत कर्णप्रिय है

    http://smashits.com/miley-naa-miley-hum/nazar-se-nazar-mile/song-223387.html

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  8. Vaibhav Mani Tripathi Made Fiery Remark Like Always. Like always I also went ballistic🙂

    Vaibhav Said:

    अरविन्द जी छोले भठूरे सड़क किनारे किसी ठेले पर ५ रुपया प्लेट भी मिलते है और किसी पांचसितारा होटल में २०० रूपये प्लेट भी मिल सकते हैं …. पर २०० रूपये प्लेट का चोला भटूरा खाने वाला ५ रुपये प्लेट के छोले भठूरे को नकली नहीं घोषित कर सकता….और संगीत का मतलब रिदुम और मेलोडी है … जिसकी जितनी समझ होगी वोह खोज ही लेगा …और संगीत कोई दूध नहीं है कि गाय या भैंस वाला ही असली होगा और यूरिया वाला नकली….इसलिए ….अपनी रूचि के संगीत को सुनिए.. और दूसरों कि रूचि का सम्मान कीजिये ……………अगर सुन कर सम्मान करने पर आत्मा विद्रोह करने लगे तो उसको अनदेखा करके सम्मान कीजिये…और सुन १९५५ से १९७५/१९७८ तक के गीत अपने आपमें इतने महान हैं कि…. उनके लिए किसी point of reference कि कोई जरुरत नहीं है.

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    My remark for Vaibhav:

    “और सुन १९५५ से १९७५/१९७८ तक के गीत अपने आपमें इतने महान हैं कि…. उनके लिए किसी point of reference कि कोई जरुरत नहीं है ”

    काम की बात आपने इतनी ही की है ..बाकी आपने इतने मेहनत से बात कही है तो उसका स्वागत है बस🙂

    इतना ही कहूँगा कि जब आप जोर देके कुछ कह सकते है, इंटरप्रेट कर सकते है, कुछ बता सकते है तो हम भी कर सकते है.. और वोही मैंने किया है… अब आपके अन्दर जाकर वही मेरी बात आपकी अपनी समझ के जरिए क्या विस्फोट करती है इसकी जिम्मेदारी मेरी नहीं बनती ..

    बात इतनी भी सफा सफा छोला भटूरा नहीं है जितना आपने जोर देके पकाया या बेचा, खरीदा है, जो भी है वो🙂 हमने जो कहना था कह दिया उसकी विकृत या सही व्याख्याओ पर मेरा या किसी का जोर भी नहीं..आपके अपने आकलन है उसका स्वागत है..

    कुछ ना कहते हुए दो और दो का जोड़ चार होता है टाइप का निष्कर्ष आपने दिया… कभी कभी चीज़े इतनी साफ़ नहीं होती.. फिर भी आपके मिसाइल का स्वागत है🙂

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  9. Prabhkar Sharma on Shrota Biradari, Facebook said:

    मुझे तो बस ये कहना है कि पहले दस मेँ से पाँच गाने अच्छे होते होँगे तो आज दस मेँ से मुश्किल से कोई एक गाना अच्छा लगता है एक बात और है कि नये लड़के जो गाने मोबाइल मेँ सुनते हैँ उसके बारे मेँ कुछ बता नहीँ पाते हैँ केवल एक दूसरे की नकल मेँ इतने बेसुरे गीत लोग कैसे झेलते हैँ मुझे तो कभी मजबूरी मेँ सफर आदि मेँ सुनना पड़ जाता है तो मन करता है कि सीडी निकाल कर तोड़ दूँ शायद कोई एक नया गाना सुन कर दुबारा सुनने की इच्छा होती है सबसे अधिक परेशानी तो प्राइवेट एफ एम चैनलोँ से है जो हमेशा नये बेसुरे गाने बजाते रहते हैँ अगर मेरा बस चले तो कानून बना दूँ कि एक घँटा नये गाने फिर एक घँटा गजल और मधुर पुराने गाने केवल सन 2000तक के बजाये जायेँगे.

    My response to Prabhakar Sharmaji:

    क्या बात कह दिया ..चलिए आपने कुछ कहा तो ..हम नहीं कह सकते क्यों कि ऐसा कहने से हम नए ज़माने के दुश्मन जो हो जायेगे ..

    ये बात आप कि बिल्कुल सही है . इतने ढेर सारे बकवास गानों में कुछ ही अच्छे होते है ..

    लेकिन इन अच्छे गानों को सुनने के लिए पहले दस गलत गाने सुनने पड़ते है 🙂

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  10. Arun Sethi on Shrota Biradari, Facebook said:

    वाह अरविंद भाई मान गये हम तो सोचे थे कि आप सिर्फ सेंटर- फॉरवर्ड ही खेलते हैं पर आपके हाथ तो राईट-इन तो ठीक लेफ्ट-आउट पर भी उतने ही सधे हुए है ग्रेट लीजिए आपकी इज़ाज़त से एक गाना मेरी पसंद से भी सुनना पड़ेगा.

    http://ww.smashits.com/audio/player/free-music.cfm?SongIds=216065

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    My Response To Arun Sethi:

    साहब हम तो पहले भी और आज भी गाँव के सीधे साधे मनई है ..वक्त प्रेशर डाल देता है हर तरह के पोशिशन पे आकर खेलने के लिए. शरीफों की शराफत देखकर कभी कभी शराफत के पैमाने बदलने पड़ जाते है हर सीधे सरल आदमी को🙂

    वैसे आपने गीत बड़ा जोरदार सुनवाया ..लीजिये पेश है बहुत पीछे ना जाते हुएँ एक पोस्ट माडर्न गीत

    http://smashits.com/miley-naa-miley-hum/nazar-se-nazar-mile-rahat-fateh-ali-khan/song-223386.html

    “मिले ना मिले हम” से राहत फतेह अली जी का गीत है ..सोने पे सुहागा ये कि जावेद अख्तरजी के बोल है..साजिद वाजिद का संगीत है..

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  11. Nice exchange of views between Shubhra Sharmaji, All India Radio( AIR) News Reader, Arun Sethi and Myself:

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    Shubhra Sharma said:

    मित्रो! मैं भी इस दिलचस्प बातचीत में गुप-चुप शामिल थी….हालाँकि बोल इसलिए नहीं रही थी कि मेरा कोई भी सम-वयस्क इस मंच पर नहीं नज़र आ रहा था. अब मेरी तरफ से दोनों पक्षों के लिए दो गीत- नयों के लिए

    और पुराने के पक्षधरों के लिए –

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    Arun Sethi said:

    शुभ्रा जी आपके पहले पक्ष को सुझाए गीत की फिल्म दो दूनी चार “OLD VERSION OF FILM ANGOOR” का एक और जोरदार गीत

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    Arun Sethi said:

    गुलज़ार दा फिर क्या कहना The best part of the song suggested “देखो जी मैं कहे देती हूँ ये मेरी मां ने दहेज में दिया था खबरदार जो इसे तोड़ा तो” ..

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    Arun Sethi’s words for me:

    गीत आपने बड़ा जोरदार सुनवाया…
    चलो अब यूँ सोचें
    न तुम हारे ना मैं ही जीता
    इन लकीरों को अब कागजों ही पे रहने दो
    दिलों पे मत उतारो !
    चलो न, फिर से बिछाएं दरियाँ, बजाएं ढोलक!
    लगाके ऊँची तान, सुरीले टप्पे सुनाएँ फिर कोई
    चलो अब यूँ सोचें

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    My words for Shubhra Sharmaji:

    शुभ्राजी आपको बहुत धन्यवाद कि आप चोरी चोरी चुपके चुपके मोड से निकल कर इस नए गीतों और इस उत्तर आधुनिक चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल हुई और हमको पक्ष और विपक्ष जैसे कि एक बैट्समैन कभी सीधे हाथ से और कभी उलटे हाथ से खेलने लगता है वैसे भी आपने दोनों तरफ के शाट लगा दिया मतलब दोनों गीत सुनवा दिया.. शुभ्राजी आपको बताऊँ मुझे कोई दिलचस्पी नहीं थी कि एक तरफ पक्ष हो दूसरी तरफ विपक्ष हो पर क्या करे ना जाने कब कैसे और क्यों एक पक्ष और विपक्ष का निर्माण कभी प्रत्यक्ष और कभी चोरी चोरी चुपके चुके सुनियोजित तरीके से बन जाता है..

    बताइए क्या करे ? …ना चाहते हुए भी एक दायरा सा बन जाता है .एक पक्ष विपक्ष सा बन जाता है ..पर छोड़िये इन बातो को..हम तो अच्छे संगीत के रसिया है चाहे वो किसी भी युग का हो बस टीन कनस्तर को पीट पीटकर ना बनाया गया हो जैसे कोई किसी का गला दबा रहा हो जैसे कोई किसी को गरिया रहा हो🙂 …अब हम भी आपको आपकी ही तरह नया पुराना करके दिखाते है🙂

    लीजिये पुराने पन्नो से ये गीत सुनिए..

    मुझे तुमसे कुछ भी ना चाहिए.. मुकेश का गीत कन्हैया से …शंकर जयकिशन ..गीतकार ..शैलेन्द्र

    http://ww.smashits.com/revivals-mukesh/mujhe-tumse-kuch-bhi-na-chahiye/song-20821.html

    नए ज़माने का पोस्ट माडर्न बहुत सुंदर गीत ..

    मेरे ब्रदर की दुल्हन ..कैसा ये इश्क है अजब सा रिस्क है… इरशाद कामिल के जबरदस्त बोल. ..उतना ही सुंदर संगीत सोहेल सेन का है…

    http://smashits.com/mere-brother-ki-dulhan/isq-risk/song-223057.html

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  12. Some very thought provoking interesting change of views between Shubhra Sharmaji , Dilip Kawathekarji , Sagar Naharji and myself. Some very good ancient and modern numbers got posted amidst some interesting views.

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    Dileepji appreciating the taste of Shubraji said:

    vaah, Shubhra Sharma ji, क्या गीत चुनकर लाया है आपने. रानु मुखर्जी नें इस फ़िल्म के सभी गाने बढियां गाये है. नानी तेरी मोरनी को मोर ले गये के अलावा , और कई फ़िल्मी गानों के अलावा गीतकार गौतम मुखर्जी (पति) के साथ दूरदर्शन के लिये दो गानें गाये थे, वे अभी तक जेहन में थे, परंतु अभी याद नहीं आ रहे हैं. याद आ रहा है तो बस यह कि कुछ साल पहले इनके पालतू कुत्ते नें लगभग काट ही लिया था.!🙂

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    Dileep Kawathekarji’s word for me:

    Arvind K Pandey ji,समयाभाव के कारण कई बार लिख नही पाया, मगर मेरे अनुपस्थिति को ये ना समझें कि मैं आपकी इस बात का अनुमोदन नही करता कि आजकल अच्छे गानें भी बन रहे हैं. मेरा बस यही दो वाक्यों में कहना है कि कोई भी कलाकार या संगीतकार साधन को साधना से ऊपर तौलेगा तो वह रेत को मुठ्ठी में पकड रहा है.

    ************************
    Shubhra Sharma’s words for Dileepji:

    ‎Dilip Kawathekar bhai, aaj hi dopahar me yunus bhai se ranu ji ke bare me baat ho rahi thi. inka gaya Bees Sal Pahle ka ek geet tha jis ki main hubahu nakal kiya karti thi. “Kyun hai deewane tu akela”

    ***********************

    Dilip Kawathekar’s words:

    … और , सृजन हमेशा कदरदानों का कर्ज़दार है, जिनकी vajah se Creativity or Creator kaa Evolution saMbhav ho paataa hai.

    ******************

    Dilip Kawathekar:

    ‎Shubhra Sharma ji, kyaa ve dono gaane yaad haiM, yaa sunane/dekhane ko mil sakate haiM?

    *************

    Shubhra Sharma’s words for me:

    ‎Arvind K Pandey, tumhare dhanyavad ke badle naye-purane ka ek aur joda post kar rahi hoon. Pahle naya –

    Aur ab Khaanti sona – khaanti samajhte ho na babua ?

    ********************

    A song for Dileepji by Shubhraji:

    ‎Dilip bhai ki nazar….http://youtu.be/XUs7Y11hCv8

  13. Dileepji’s comment for Shubhraji:

    Dilip Kawathekar ‎Shubhra Sharma ji, abhi abhi Year 2000 me bhee is geet me Ranu ne gaayaa hai

    Bhupendra ne bhi ye alag Genre me gaayaa hai..

    Shubhra Sharma:

    WOW!!!!

    ************

    My words for Dileep Kawathekar :

    ‎Dilip Kawathekar

    दिलीपजी आप उपस्थित हो गए..यही बहुत है..आप और शुभ्राजी के बीच हुए संवाद और गीतों का रस लिया.. ये एक अनोखी चीज़ नए पक्ष से सुनवा रहा हूँ.. एक एक अमेरिकेन यूनीवर्सिटी की छात्राए है ..देखिये इन्होने किस अदा से इस गीत को गाया है..

    गायकी से ज्यादा इन्होने जिस अंदाज़ और जिस तरीके से गाया वो मुझे बहुत अच्छा लगा.. ये दिल से रे गा रही है🙂

    पुराने गीतों में ये ज़बक का गीत मुझे बहुत पसंद है ..तेरी दुनिया से दूर

    http://smashits.com/zabak/teri-duniya-se-door/song-79069.html

    **********************

    My another comment:

    थोडा सा सन्दर्भ से हटते हुए उन दो गीत को सुनवाना चाहता हूँ जो मैंने किसी हास्य चर्चा में सुनवाये ..ये मेरी तरफ से अपने पुरानेपन को अनुमोदित करते हुए घलुआ समझ लीजिये इस चर्चा के सम्बन्ध में.. तो सुनिए ये दो गीत अपने ख़ास संदर्भो सहित पर इस चर्चा में सिर्फ पुरानेपन के सन्दर्भ में:

    *******************

    एक सवाल है छोटा सा:

    क्या कोयला अगर गोरेपन की क्रीम लगाये तो वो गोरा हो जाएगा🙂 कोयले का सौदर्य कालेपन में है..ये लीजिये सुनिए आपके लिए ख़ास भजन/गीत है ..

    सुनो सुनो हे कृष्ण काला …के एल सहगल…गीत के बोल..चंडीदासजी के है..

    http://ww.smashits.com/50-glorious-years-of-popular-bhajans-vol-1/suno-suno-he-krishna-kala/song-81219.html

    *************************

    ये एक दुखिया की करुण पुकार सुनिए..इसने एक काली लड़की( या काले लोगो की ) की व्यथा बहुत सुंदर ढंग से कृष्ण भगवान के सामने रखी है.. वैसे आज के विज्ञापन युग में कई लोगो इसे फेयर एंड लवली का इस्तेमाल करने को कह चुके होते🙂

    Main Bhi Ladki Hoon” [1964]

    Music is by Chitra Gupta [Chitragupta] and lyrics by Rajendra Krishan….

    ****************

    My Comment for Shubhraji:

    Shubhra Sharmaji

    The song from Insaan Jaag Utha has always been my favourite since time immemorial🙂

    ****************

  14. Sagar Nahar’s Words For Me:

    ‎Arvind K Pandey जी
    सुनो सुनो है किशन काला खत्म होते ही अपने आप दूसरा गीत बजने लगता है और वह है ज्यूथिका रॉय का निसदिन बरसत नैन हमारे… आहा! क्या सुन्दर गीत है। आनन्द आ गया।

    ***********************

    Two Songs For Sagar Nahar On My Behalf:

    ज्यूथिका रॉय ..क्या स्टाइल था इनके गाने का ..बिल्कुल डूब के सहज होके गाती थी..

    ***********
    गीता दत्त की आवाज़ पर भजन वोही “जोगन” से…

    **************

    Sagar Nahar:

    मुझे एक बार आदरणीय ज्यूथिकाजी से फोन पर बात करने का सौभाग्य मिला है।

    Arvind K.Pandey:

    ये तो बहुत दुर्लभ संयोग है ..इस बातचीत में अगर कुछ ख़ास उभर के आया हो तो जरूर बताये . .

    *************

    Dileep Kawathekar’s Words For Me:

    Arvind K Pandey ji, अमेरिकन बालाओं का ये मासूमियत भरा गाना मन मेम उल्लास और उमंग बहर देता है. मूल गीत भी क्या खूबसूरत है, और कितनी साधना से बनाया गया है.

    **************

    My Words For Dilip Kawathekarji:

    ‎Dilip Kawathekarji

    What’s really awesome is the manner in which these beautiful American university girls have sung this song. That’s pretty breathtaking.. Yes, you are right!! The song in itself a masterpiece.. The surrealism of Gulzar has been given new heights by the modern beats and tempo. A R Rahman deserves accolades for this composition.

    Anyway, you have given me an opportunity to make you listen other modern number (this post is basically meant for new age songs) from Rock On (2006) ..

    Ye Tumahri Meri Baatein.. Music: Shankar Ehsaan Loy ..Lyrics : Javed Akhtar

    Singer:Dominique Cerejo

    http://smashits.com/rock-on/ye-tumhari-meri-baatein/song-62085.html

    *************

  15. Thanks to Vikas Zutshí, Sudhir Dwivedi and Suneel R Karmele for making their presence felt.

    *********************
    My comment for Sudhir Dwivediji:

    Such a late arrival Sudhir ! .. Okay, I know you are busy bee🙂 Par Chaliye Aap Aaye Bahar Aaye..Two new age songs for an ancient soul like you. These songs let me say something about Himesh Reshammiya- the infamous musician of our times. A musician who has been painted in all wrong colours even as he has terrific control over rhythm and melody- the two elements that make music worth listening.

    Reshammiya has given some of the best modern numbers, full of rhythm and melody, but sadly we have measured his worth against the controversies surrounding him. That’s pretty unfortunate way to measure the worth of any musician!!

    This Umrao Jaan Number has given new meaning to the term Umrao Jaan🙂 .Sudhir bhai listen the way Purbi Joshi has delivered the words..” No Kissing..No Kissing..Only Seeing ..Only Seeing ” in this song.. Feel also the melody that’s strikingly present in this song..

    http://www.lyricsmasti.com/song/7644/get_lyrics_of_Umrao-Jaan.html

    Movie :

    Damadamm (2011)

    Music Director :

    Himesh Reshamiya

    Singer(s) :

    Himesh Reshammiya, Purbi Joshi

    Lyricists :

    Sameer

    **************************

    Another Himesh Song From Aap Ki Khatir (2006). Jaise Ho Waise Rahana ..Trace the wonderful combo of melody and rhythm in this song as well…No Link given but if you wish you can listen Namastey London’s “Mai Jehan Bhi Rahu” to know the real worth of Reshamiya🙂

    *****************

  16. Dilip Kawathekar Said On Shrota Biradari:

    Himesh. Every creator gets obsessed in himself, & Himesh is no exception. But how fast u come out. A R Rehman is genius,undisputedly. But it is true witlth him, for remaining on zenith.

    Teri meri premkahani is very melodious. But director failed to do justice with filming the intensity depicted by using higher notes. Salman also could not do proper lipsing to express higher notes which require physical stress to sing.

    But Himesh used his own songs in higher notes just to create his stamp,,no matter whether song requires it orr not. Whereever he did it justified, it worked wonders like : mai jaha rahoo, mai kahi bhi hoo.

    ****************

    My Comment For Dileep Kawathekarji:

    You are damn right.. Any creative person should be aware of his role he/she is to play in the creative world. Himesh has become obsessed with himself as an actor. That’s really a tragic identification. There was a time when Talat Mahmood and Mukesh also wished to be actors rather than be singers ..

    Wisdom soon dawned on them that they were supposed to be singers and not actors..Hope this realization dawns on Reshamiya too.. He should explore the creative world more as music director..Leave singing or acting for other people🙂

    Like always ekdam taaza song for you🙂 …The lyrics of this song are quite funny :-)…Listen them to flirt with smile…

    Movie : Ladies V/s Ricky Bahl (2011)

    Music Director : Salim Sulaiman

    Singer(s) :Benny Dayal, Ranveer Singh

    Lyricists :Amitabh Bhattacharya

    http://www.lyricsmasti.com/song/7689/get_lyrics_of_Aadat-Se-Majboor.html

  17. My personal favourite in ekadam taaza songs category is this one from Miley Na Miley Hum Song:

    Ha yahi Pyar Hai..

    http://www.lyricsmasti.com/song/7676/get_lyrics_of_Haan-Yahi-Pyaar-Haii.html

    Music Director : Sajid Wajid

    Singer(s) : Shaan, Shreya Ghoshal

    Lyricists : Javed Akhtar

  18. Piyush K Mishra said On Shrota Biradari:

    Film saaya ka ‘seena Pada’ geet bahut achha hai. magar mujhe lagta hai iske sangeetkaar Anu Malik the na ki M M Kreem

    My response to Piyush:

    आपको मै ये बताना चाहूँगा कि इस फ़िल्म में ऍम ऍम क्रीम और अनु मालिक के नाम का उल्लेख है संगीतकार के रूप में…मैंने थोडा और पता किया तो ये भी पढने को आया कि इसमें राजू राव का भी संगीत है..

    खैर लीजिये एक दम फ्रेश गीत जो हम चाहे (2011) चलचित्र से🙂

    अभी अभी दिल टूटा है..

    http://smashits.com/jo-hum-chahein/abhi-abhi/song-224009.html

    संगीत सचिन गुप्ता का है और गीत कुमार का है

    ************

    Dhanyavad Shastri Kosalendradas Is Post Ko Sarahane Ke Liye..

    *****************************

    Manish Kumar said:

    My fav from recent years

    http://ek-shaam-mere-naam.blogspot.com/2010/12/2010.html

    My response to Manish Kumar:

    इस पोस्ट पे अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए धन्यवाद… इंतज़ार रहेगा आपकी वार्षिक गीतमाला का🙂

    *********

    Dileep Kawathekarji said:

    आजकल के गानो के दीवानों में कुछ अधिकतर चक्षुश्रवा है, याने आंखों से गाना ” सुनते ” हैं !उनकी आंखों को खोलने के लिये ये Instrumental > by Shankar Tucker – (Manish Kumar ki jaanib se ) http://youtu.be/cnyDwXmxwac

    My Comment For Dileepji:

    श्रेया का प्रोग्राम अभी कुछ महीनों पहले इलाहाबाद में हुआ था…इसमें इनके कुछ गीत मुझे लाइव सुनने को मिले जैसे रब ने बना दी है जोड़ी और कृष्णा काटेज में गाये एक दो गीत …

    वैसे साहब आजकल तो आखो से गाना सुना जाता है ठीक कह रहे है आप …कोई आश्चर्य की बात नहीं ….जब आप आँखों की महकती खुशबूं देख सकते है तो आँखों से गाना क्यों नहीं सुन सकते🙂

    वैसे लीजिये वो गाना सुनिए जो मैंने लाइव सुना था श्रेया का

    सूना सूना

    http://smashits.com/krishna-cottage/suna-suna/song-34524.html

    …And Sudhir Dwivedi liked this song🙂

    *********************

  19. Piyush Mishra On Shrota Biradari Said:

    Piyush K Mishra साया फिल्म में ‘दिल चुरा लिया’ गाना एम एम करीम साहब का था ऐसा कैसेट पर भी लिखा हुआ था. मगर ‘सीना पड़ा’ गाना अनु मालिक का था.

    एक फिल्म आयी थी याराना. ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित थे उसमें. उस फिल्म में संगीत अनु मालिक का था. ज़रा ये गीत सुनिए और मज़ा लीजिए-

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