डी के बोस उर्फ़ आमिर खान: भ्रूण हत्या सत्यमेव जयते की !!

भ्रूण हत्या सत्यमेव जयते की !

भ्रूण हत्या सत्यमेव जयते की !


मै अगर कुछ कहता हूँ तो उसके आशय बहुत सारे निकल लिए जाते है.  इसलिए मै कुछ कहने के बजाय अब तक मौन ही था इस सत्यमेव जयते तमाशे पर. अखरता बहुत है जब देखता हूँ भांड टाइप के लोगो को संवेदनशील विषयो पर बोलते हुए.  उस पर भी ये और ज्यादा अखरता है कि जो मीडिया आलोचक की मुद्रा में आ जाता है जब कोई विशेषज्ञ इन विषयो पर अपनी राय प्रकट करता है आज इस सतही आयोजन को बहुत सराह रहा है गोया इसके पहले कभी किसी ने इन मुद्दों पर गौर ही ना किया हो?

मै अब भी कुछ नहीं कहता अगर मेरे पत्रकार मित्र आवेश तिवारीजी, एडिटर इन चीफ नेटवर्क सिक्स, के फेसबुक पेज पर मुझे ये शीबा असलम फहमी का लिखा हुआ सन्देश ना पढने को मिला होता. बिल्कुल ठीक प्रतिक्रिया दी है शीबा ने.  मुझे सिर्फ इतना ही कहना है कि कम से कम सतही लोग संवेदनशील मसलो   से अपने को दूर रखे क्योकि उनकी नीयत पे यकीन करना बिल्कुल असंभव काम है.  आमिर एक अच्छे अभिनेता है लिहाज़ा फिल्मो पे ध्यान दे. गंभीर विषयो पे विचार विमर्श करने के लिए अभी इस देश में विद्वानों का अकाल नहीं पड़ा   है जो हम डी के बोस टाइप के लोगो को गंभीरता से सुनने का प्रयास करे.  ये काम मीडिया में फैले दलालनुमा पत्रकार करते रहे.

शीबा असलम फहमी ने ये कहा:

” बोस डी के, आमिर!

ये वही आमिर खान हैं ना जिन्होंने अपनी एक फ़िल्म में कामयाबी का मसाला डालने के लिए महिला जननांग को दी जानेवाली भद्दी गाली पर एक गाना बनाया और उस गाने को फ़िल्म की पब्लिसिटी में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया था ? आमिर खान से मेरा सवाल है की कोई कैसे एक महिला का बाप या भई बनने की हिम्मत करे जब इसी कारण उसे गाली से नवाज़े जाने की संभावना बनती हो? आज वे 3 करोड़ प्रति एपिसोड की दर से नारी-चिंता में कामयाबी के झंडे गाड़ रहे हैं. महिलाओं के ज़रिये कामयाब होना है बस, ‘वैसे’ नहीं तो ‘ऐसे’! पहले गाली दे कर, अब गाली दी गई औरत पर ग्लीसरीन बहा कर! ताज्जुब ये की बड़े-बड़े पत्रकार और लेखक भी इस आमिर-गान में पीछे नहीं! बोस डी के, याद आया ! “

इस पर मधुकर पाण्डेय ने ये जोरदार टिप्पणी दी:

” अब मेरे ख्याल में इन्हें अगला एपिसोड उस विषय पर करना चाहिए जिसमें दो-दो तीन तीन बच्चे पैदा करने के बाद एक मर्द अपनी पत्नी को तलाक तलाक तलाक कह कर … उन्हें अंधेरों में भटकने को छोड़ देता है…. और किसी दूसरी औरत से शादी रचा लेता है…….

यह और कुछ नहीं बाजारवाद और राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं (राज्य सभा ) का एक खेल है…..जिसमें भोली जनता बेवकूफ बनायीं जा रही है पर अब लोग ज्यादा मूर्ख नहीं बन सकते…..क्या आमिर खान कश्मीर से पलायन को विवश हुए कश्मीरी पंडितों की समस्याओं को भी इसी शिद्दत से उठायेंगे…क्या वे गोधरा की ट्रेन में मारे गए उन ५० से अधिक मृतकों के घर जाकर हाल चाल पूछेंगे….? सब माया है…सब बाज़ार है…

Reference:

Dainik Bhaskar

Satyamev Jayate

Pics Credit:

Pic One 

23 responses

  1. SC Mudgal, New Delhi, said:

    He could not live a happy life with his first wife and could also not succeed to get the custody of his two children from his divorced wife. His second wife could not get girl through her surrogate mother because her only issue is son and not a daughter. have he right to say about the right to get girl child with so great emphasis.

    Author’s response:

    Let’s be not interested in his personal life but I must take note of your research work and focus my mind on second part of your comment..You observation has got merit:

    “His second wife could not get girl through her surrogate mother because her only issue is son and not a daughter. have he right to say about the right to get girl child with so great emphasis.”

    .It reveals a lot..

  2. Lalita Jha, New Delhi, said:

    I TOTALLY AGREE WITH YOU…..!!!!!!! Arvind K Pandeyji……….

    Author’s response:

    Thanks Lalita Jhaji. The appreciation flowing from conscious souls like you makes me feel that my efforts did not go in waste…

  3. Radhakrishna Rao, Bangalore, said:

    I would not comment on this..coz i know that who funds such program in india and these people have VESTED INTERESTS…

    Author’s response:

    Thanks Radhakrishna Raoji..You said it all ..Keep it up..

  4. Sanjay Verma said:

    भ्रूण हत्या का मसला कोई नया नही है …इस पर तो मीडिया काफी काम कर चुका है .उस पर तो गंभीर चिंतन आवश्यक है ….उसका यूं कमर्शियल प्रयोग गलत है …पर हमारे देश का ये सबसे बडा दुर्भाग्य है कि यहां जिनको काम करना चाहिये …बस वही नहीं करते …..

    Author’s response:

    Thanks Sanjay Vermaji..I appreciate your unambiguous stand on this issue..

  5. Gyasu Shaikh said:

    रिटायर्ड आर्मी जनरल को जैसे ब्रिटिश राज में तीन खून माफ थे…
    वैसे ही आमिर को भी शायद…

    एक एपिसोड के Rs.Three Crores !
    अभी 25-30 साल पहले हम सुना करते थे कि ‘साधु दो रोटी एक लंगोटी
    का ही हक़दार है…’ /// यहाँ तो सेवा करने निकलो तब भी मालामाल हो…
    और पब्लिसिटी…चाँदी ही चाँदी…

    Author’s response:

    कोई शक नहीं आमिर अच्छे अभिनेता है पर संवेदनशील मुद्दे को लेकर टीवी शो में जनता के सामने अभिनय करना ठीक नहीं..जनता कुछ तो जागरूक हो ही चली है..या नहीं हुई है ?

  6. SC Mudgal said, New Delhi,

    Arvind ji, good point can be raised by any person and we must respect all for their concern but we also see that this was act of two persons who have made sting but no government, court, or social workers and media personal or channels came to raise their voice at proper place but now these media has started in full swing which shows that they work only for money because amir khan’s presence make the TRP of their presentation but not of normal people though they may have done a greater job for the nation as well for the society.

    (Hindi Version: actual mein ye un do becharon ki bechargi ka faayeda uthana bhar hai jinhone rajasthan mein sting operation kiya tha magar sarkaar aur media aur kaanoon ki andekhi ke kaaran aaj vo court der court bhatak rahe hain aur doshi log salakhon ke peechhe panhuchne kee bajaay award or promotion ka aanand loot rahe hain, ismein aamir khaan ki taareef se pahle bhi yadi koi mudda uthana jaroori hai to vo hai media, sarkaar aur court dwaara is vishay per sahi action na liya jaana un doshi logon ko aaropit karne se jyaada jaroori hai un in sansthanon ki bhartsna karna taaki bhavishya mein ek aam aadmi dwara kiye gaye efforts ko bekar na kar sakein in pramukh padon per baithe bhrast log,)

    **************************

    Author’s response:

    But it should be done by serious people in serious way.. Not talked about in lesser way by actors on T V Shows..

    In fact, it needs a greater degree of consciousness to curb such happenings at various levels..

  7. The article generated huge response. Thanks to all of them for reading the article ..Some of the notable names are:

    Rajesh Vakharia, Nagpur ;Anand G.Sharma, Mumbai; Rajiv Gangar, Mumbai ; Vikas Garg , New Delhi ; Akash Kumar, Chandausi; Amit Kumar Mishra, New Delhi ; Mlm Pankaj Gupta, Janshi ; Amit Chauhan, Noida ; Satish Bute ; Vipin Singh Gaharwar, Bhopal; Prakash Bulchandani;Inderjit Kaur, Jalandhar; Swati Kurundwadkar; Awadhesh Sinha, Bengusarai; Nirbhay Mathurji, Jaipur,Tamojit Das and Yugal Mehra, New Delhi..

  8. provocative post Arvind ji! Thanks for sharing. I agree with the succinct views expressed with regard to his using the song Bose DK in publicising his film!

    1. @Personal Concerns

      सर्वप्रथम फेसबुक पर जुड़ने के लिए धन्यवाद..इस टिप्पणी के लिए आपको अलग से धन्यवाद काहे कि टिप्पणी का दर्शन दुर्लभ होता है.. हम कंगाल नहीं रहे टिप्पणी के मामले में पर आज भी टिप्पणी का रस मै पहले जैसा ही लेता हूँ.. मुद्दे पे आते है..देखिये साहब आमिर फिल्मो से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञता हासिल करते या कुछ अनोखा प्रयोग करते मै उसका सहर्ष स्वागत करता ..पर साहब ये तो उन मुद्दों पे बोलने लगे जिसपे जमीन से जुड़े लोगो और अच्छे विद्वानों ने पहले ही शशक्त भूमिका का निर्वहन किया है. ऐसे में आमिर साहब क्या तीर छोड़ेंगे सिवाय साबुन के कुछ बुलबुले सरीखे हलचल उत्पन्न करने के…

      देख के तकलीफ होती है कि उथले लोगो को हर मुद्दे से पैसा बना लेने की कला आती है. मै ये नहीं कह रहा कि आमिर ना बोले पर बेहतर हो वे लोग बोले जिनको इन विषयो की गंभीरता का एहसास है सही तरीकें से. क्या आमिर जैसे लोगो ने कभी अपनी मनमानी कमाई का कुछ हिस्सा किसी के जिंदगी को इन पेंचीदा समस्याओ से ऊपर उठाने में किया है फुटकरिया तरीके से नहीं वरन सार्थक तरीकें से. ?.. और यहाँ देखिये इन मुद्दों को उछाल कर नोट काट रहे है कि नहीं..

      *****************
      स्टार इंडिया के सीओओ संजय गुप्ता के मुताबिक ‘सत्यमेव जयते’ का दस सेकंड के विज्ञापन स्लाट की कीमत भी दस लाख रुपए है। यह कितना महंगा है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस साल आईपीएल के प्राइम टाइम में दस सेकंड के विज्ञापन स्लाट के रेट चार लाख रुपए हैं। लेकिन शो पर रुपयों की बारिश हो रही है।

      http://www.bhaskar.com/article/NAT-performance-of-satyamev-jayate-3239522.html

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  9. Alok Ahmad said:

    भांड कुछ तो कर रहा है न , बाकी भांड तो रुपयें कमाने में लगे है .

    *********************

    Author’s response:

    अरे टिपण्णी देने में कोई कमाल नहीं ..सार्थक कहने में कोई बात होती है..आपकी टिपण्णी से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे बाकी भांड सिर्फ नोट काट रहे है और ये भांड अपना खज़ाना जरुरतमंदो में खाली कर रहा है.. किस दुनिया में है आप भाई.. ये भांड तो औरो से अधिक शातिर है.. गंभीर मुद्दों को भी कैश कर ले रहा ..कभी गाली को सपोर्ट करके और कभी गाली पे आंसू बरसा कर.. ये लोग ऐसी कलाकारी फिल्मो तक सीमित रखे बेहतर होगा..

    कैसे नोट काट रहे है तो जरा पढ़े भास्कर में छपे खबर को…और आप का आशय है जैसे कोई बहुत महान कार्य कर रहे है आमिर फोकट में..

    **************************

    स्टार इंडिया के सीओओ संजय गुप्ता के मुताबिक ‘सत्यमेव जयते’ का दस सेकंड के विज्ञापन स्लाट की कीमत भी दस लाख रुपए है। यह कितना महंगा है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस साल आईपीएल के प्राइम टाइम में दस सेकंड के विज्ञापन स्लाट के रेट चार लाख रुपए हैं। लेकिन शो पर रुपयों की बारिश हो रही है।

    भारत की सबसे बड़ी मोबाइल टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड इस शो की मुख्‍य प्रयोजक है। एयरटेल ने शो में 18 करोड़ रुपए लगाए हैं। वहीं वॉटर प्यूरीफायर कंपनी एक्वागार्ड ने भी 16 करोड़ रुपए शो में लगाए हैं। शो के सह प्रायोजकों में एक्सिस बैंक लिमिटेड, कोका कोला इंडिया, स्कोडा आटो इंडिया, बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड, डिक्सी टेक्स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड और जॉनसन एंड जॉनसन लिमिटेड हैं। इन 6 कंपनियों ने भी 6-7 करोड़ रुपए (सभी का मिलाकर लगभग 40 करोड़ रुपए) शो में लगाए हैं। इस तरह देखा जाए तो यह शो फायदे में है।

    स्‍टार के नौ चैनलों पर इस शो का प्रसारण हो रहा है। इसलिए इस शो के लिए स्टार ने अपनी मार्केंटिंग और सेल्स रणनीति में भी थोड़ा बदलाव किया है। एक ही कैटेगरी के प्रोडक्ट में एक ही कंपनी को सत्यमेव जयते का एड स्लॉट दिया गया है। इस शो की लोकप्रियता का आलम यह है कि शो के पहले ट्रेलर के प्रसारित होने से पहले ही इसके 80 प्रतिशत एड स्लॉट बिक गए थे। आमिर खान और स्टार इंडिया, दोनों के ही इस शो पर इंटेलेक्चुअल प्रापर्टी राइट्स होंगे। इस शो के जरिये आमिर की फिल्‍म इंडस्‍ट्री और स्‍टार इंडिया की मीडिया इंडस्‍ट्री में अलग ब्रांड वैल्‍यू बनेगी।

    http://www.bhaskar.com/article/NAT-performance-of-satyamev-jayate-3239522.html

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  10. Rajat Sharma said:

    Arvind ji tho phir kon karegaa media bika hua hai Desh soya hua hai, Movies sex per ban rahi hain. Cum se cum koi tho kare shuaat baki rahi DK Boss ke baat why theater was full for hat movie and why people was so exited about Dirty Movie…

    Author’s response:

    ***************************
    किसी भी मुद्दे को सीमित तरीकें से नहीं देखना चाहिए..उसे हर एंगल से देखे ..हमने आपसे पूछा है इस देश के गली कूंचो में जब आपको हर कदम पे सक्षम और समझदार युवा देखने को मिलता है…साथ में देखने को मिलते है बेहद शानदार जमीन से जुड़े बुद्धिजीवी तो इनको इग्नोर कर अब आमिर जैसे लोग अलख जगायेंगे …किस स्वप्निल दुनिया में है आप ? ये अलख जगा रहे है कि गंभीर मुद्दों को नोट काटने की मशीन बना रहे है…गंभीर मुद्दों पे लिख कर फटीचर मर गए हमारे सच्चे लोग और ये भांड सरीखें लोग नोटों के ऊपर बिस्तर लगा कर लेट गए.. वाह रे चेतना की उन्नति !!!

    आप भी पढ़े ..

    ****************

    स्टार इंडिया के सीओओ संजय गुप्ता के मुताबिक ‘सत्यमेव जयते’ का दस सेकंड के विज्ञापन स्लाट की कीमत भी दस लाख रुपए है। यह कितना महंगा है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस साल आईपीएल के प्राइम टाइम में दस सेकंड के विज्ञापन स्लाट के रेट चार लाख रुपए हैं। लेकिन शो पर रुपयों की बारिश हो रही है।

    भारत की सबसे बड़ी मोबाइल टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड इस शो की मुख्‍य प्रयोजक है। एयरटेल ने शो में 18 करोड़ रुपए लगाए हैं। वहीं वॉटर प्यूरीफायर कंपनी एक्वागार्ड ने भी 16 करोड़ रुपए शो में लगाए हैं। शो के सह प्रायोजकों में एक्सिस बैंक लिमिटेड, कोका कोला इंडिया, स्कोडा आटो इंडिया, बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड, डिक्सी टेक्स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड और जॉनसन एंड जॉनसन लिमिटेड हैं। इन 6 कंपनियों ने भी 6-7 करोड़ रुपए (सभी का मिलाकर लगभग 40 करोड़ रुपए) शो में लगाए हैं। इस तरह देखा जाए तो यह शो फायदे में है।

    स्‍टार के नौ चैनलों पर इस शो का प्रसारण हो रहा है। इसलिए इस शो के लिए स्टार ने अपनी मार्केंटिंग और सेल्स रणनीति में भी थोड़ा बदलाव किया है। एक ही कैटेगरी के प्रोडक्ट में एक ही कंपनी को सत्यमेव जयते का एड स्लॉट दिया गया है। इस शो की लोकप्रियता का आलम यह है कि शो के पहले ट्रेलर के प्रसारित होने से पहले ही इसके 80 प्रतिशत एड स्लॉट बिक गए थे। आमिर खान और स्टार इंडिया, दोनों के ही इस शो पर इंटेलेक्चुअल प्रापर्टी राइट्स होंगे। इस शो के जरिये आमिर की फिल्‍म इंडस्‍ट्री और स्‍टार इंडिया की मीडिया इंडस्‍ट्री में अलग ब्रांड वैल्‍यू बनेगी।

    http://www.bhaskar.com/article/NAT-performance-of-satyamev-jayate-3239522.html

  11. Thanks to Himanshu B Pandey, Siwan; Dv Fournintyeighta; Nilesh Shukla, Calcutta ; Deepak Dhabhai ; Narayan Shashwat, Surat, Gujarat and Himanshu Chaurasia, Ballia, UP, for making their presence felt on my post…

  12. shailendra mangal | Reply

    to ye haqeekat hai satya mev jayate ki
    iska matlab to ye hua ki logo ke emotions ke saath khelo aur aish karo

    1. @Shailendra Mangal

      कोई आपकी भावनाओ के साथ तब तक खेलवाड़ कर सकता है जब तक आप सचेत ना रहते हुए अपने आपको इस्तेमाल करने के लिए खुला छोड़ देते है..आप जागरूक हो जाइए तो देखिये किस की मजाल है जो आपके भावनाओं के साथ खेलवाड़ कर सके..कितना गहरा मजाक है जो शुद्ध भावनाओ से संपन्न होकर देश के लिए कार्य कर रहे है उनको तो मौत, अपमान , गरीबी, तंगहाली मिलती है और जो भांड सतही रूप से देश के समस्याओं को टीवी शो में इनके ऊपर बतिया रहे है वे मालामाल हो रहे है…क्या नियति है इस देश की.. चलिए इसी बात पे सत्यमेव जयते..

  13. Udayan Supkar, Sambalpur, Orissa, said:

    जनता को आँख मूँद कर खाई में कूदने के लिए कहा जाए तो कूद जाए . यह जनता की ही कमजोरी है जो ऐसे लोगों को सर पर बैठा रहे हैं .

    Author’s response:

    जब जनता खुद ही मूर्ख बनने में गर्वान्वित महसूस करने लगे तो कोई क्या कर सकता है..

  14. Pushkar Kumar Mishra said:

    ‎Arvind K Pandey यह व्यक्ति मुद्दे नहीं उठा रहा है बल्कि मुद्दे के नाम पर अपने बैंक बचत को उठा रहा है… मीडिया बिकी हुई है क्योंकि मीडिया प्रबंधन तो ‘पैसे’ पर ही होता है न… निर्मल बाबा, दिनाकरण पॉल… राहुल गाँधी की जबरदस्ती थोपी लोकप्रियता सब मीडिया के बेहतरीन मैनेजमेंट का है रिजल्ट है… अगर मीडिया सच बोलती तो क्या जनता इस तरह से ठगी जाती??

    Author’s response:

    साहब इसी सूक्ष्म भेद को तो जनता जनार्दन नहीं समझती…कभी राहुल गांधी के पीछे पगलाती है तो कभी सनी लेओन को महान स्त्री का दर्जा दे देती है.. हा ये अलग बात है सही लोगो के क़द्र के लिए इसके पास दुत्कार के सिवा कुछ नहीं..वैसे पुष्करजी सचेत लोग सोशल मीडिया का बेहतर इस्तेमाल करके पारंपरिक मीडिया को आइना दिखा सकते है…मैंने ऐसा कई बार किया है..आप इसी पोस्ट को देख लीजिये..आप भी ऐसा करके बिकी हुई मीडिया के झूठ को बेनकाब कर सकते है..

  15. Niketan Magadh said:

    मुद्दे तो सबको पता ही हैं उन्हीं बार बार कुरेदकर क्या मिलने वाला है अगर कोई इनके निराकरण की बात करे तो कुछ बात बने … If he does thing which are not of public concern nobody is interested in what he is doing…Instead of raising an issue which has already been raised innumerable number of times had he donated what he is getting as his episode fee for eradicating this menace that would really have made a significant difference!!

    Author’s response:

    I agree to your view..It’s intentions plus right gestures that make an action perfect..On both these parameters Aamir Khan scores very poorly. That’s why I feel he should try to rise in his own field of actions instead of change of role.. He is too immature to deal with serious issues in real way…

  16. Dhar Vijay:

    If he has taken a macro issue of female foeticide , wait and watch , how successful he can be. After all in Indian context Balmiki turned from being a dacoit to write Ramayan..let him do what he feels like instead of getting into smaller issues. Female foeticide is a menace in India and needs to be curbed.

    Author’s Response:

    Don’t worry Dhar Saheb the success has started making its presence felt. The shock value has yielded rich dividends …The cash boxes ringing quite well ..The transformation of Dacoit Balmiki into a sage is now complete..Satyamev Jayate…

  17. Alok Ahmed said:

    स्टार है भाई वो …दिमाग लगाया है अगले ने . क्या तुम चालू करते तो कोई देखता ..अपनी औकात के रुपैये कमा रहा है ..

    Author’s response:

    स्टार हो जाने से लाशो पे दलाली करने का, टीवी पे बकैती करने का अधिकार मिल जाता है?

    वैसे मै ये सोच रहा हूँ जब सलमान जैसे स्टार जेल के अन्दर जाते है तो ये मच्छर क्यों भूल जाते है एक स्टार जेल के अन्दर आया है!!!

    चलिए मैंने आपकी बात सुन ली .वार्ता का क्रम यही पे ख़त्म करते है..साहब हम इस तरह के स्टार होते तो कम से कम ये घटिया तमाशा ना करते..दूसरी बात मै भांड नुमा स्टार भले ना हूँ इस तरह का पर अपने कार्य क्षेत्र में किसी स्टार से कम दर्जा नहीं है मेरा और इस बात का गर्व है मुझे..

  18. Anand G.Sharma said on Google+ :

    क्या करें – हुक्मरानों की साजिशों की बदौलत पैदा हुई जिन्दगी की कड़वी सच्चाइयों और हमेशा सिर पे सवार मुश्किलों से जूझते जूझते अंत में हार कर भारत की जनता ने – भांड, नचनियों, गवैय्यों, मीरासियों, मदारियों के स्वांग देख कर अपने गम ग़लत करने की आदत डाल ली है |

    Author’s response:

    मूढ़ जनता से इससें ज्यादा की उम्मीद करना भी अपनी समझ का अपमान होगा..

  19. Swami Prabhu Chaitanya said:

    मगर इतिहास तो या कहता है
    जो जीत जाता है सो सत्य होता है
    मगर हम सब की आकांक्षा है
    “ सत्यमेव जयते ”

    ….सत्य तो सूरज की तरह स्पष्ट होता है मित्र
    हम लोग ही धारणाओं में आबद्ध
    मनचाहा देखना चाहते हैं
    जो संयोगवश सच भी हो सकता है
    मगर बहुधा असत्य होता है..

    Author’s response:

    मुझे जीतने वालो के सत्य के नहीं ..सिर्फ सत्य की दरकार है..तकलीफ यही सत्य आता है पर आते आते तकरीबन देर हो चुकी होती है..

    कोशिश यही रहती है हमेशा केवल सत्य ही प्रकट हो.ये अलग बात है किसी कारण वश सत्य रुपी सूरज ग्रहण के दायरे में आ जाता

  20. @Anand G Sharmaji said:

    जनता मूढ़ थी या एक सोची समझी साजिश के तहत मूढ़ बना दी गयी है और वो भविष्य में अकलमंद न हो जाय इसके लिए ही हमेशा के लिए गाफिल रखने के लिए हमारे शातिर मक्कार हुक्मरानों ने इन ईमान बिके हुए भांड, नचनियों, गवैय्यों, मीरासियों, मदारियों को स्वांग रचते रहने के लिए काम पे लगा रक्खा है ?

    Author’s response:

    अरे तो कोई जरुरी है क्या कि आपको कोई नचाये और आप नाचे !! आप अप्रभावित नहीं रह सकते क्या ???

  21. Anand G.Sharma said:

    जैसे – पुलिस किसी को शक के आधार पर पकड़ लेती है और वो बेगुनाह साबित न हो जाय – छोड़ती नहीं है – उसी तरह ये हुक्मरान और उनके ज़र खरीद मीडिया और इन ईमान बिके हुए भांड, नचनियों, गवैय्यों, मीरासियों, मदारियों के स्वांग को भी साजिश समझ कर होशियार रहने की बहुत जरुरत है | इस बात का फ़िल्टर हर एक हिंदुस्थानी के दिमाग में बैठाने का काम आपके और मेरे बीच में हो रहे आभासी संसार के इस वार्तालाप से तो नहीं हो सकता है | मैंने तो बहुत पहले से अपने दिमाग में एक फ़िल्टर लगा रक्खा है |

    Author’s response:

    ठीक ठीक सुनने से भी बहुत सारे शुभ कार्य हो जाते है..लगन से श्रवण फल देता है..वैसे ये फिल्टर वाली बात जबरदस्त है..

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